नाम अब्बास है मेरा मैं अलीका हुँ पिसर
मैं मिला दूंगा अभी खाकमें सारा लश्कर
तेग हाथोमें नहीं टूटा हुआ नेजा है
लेने पानी मेरे आकाने मुझे भेजा है
गर विगाकी हो रजा तोड़ दु शामी खैबर
शेर हैदरका हुँ लड़नेका हुनर जानता हुँ
तुममें है कितनी शुजाअ सारी खबर जानता हुँ
मैं इशारा करू सर सारे गिरेंगे कटकर
मैं अकेला हुँ मगर खुदमें ही लश्कर हुँ मैं
जान लो शामीओ अब्बास हुँ हैदर हुँ मैं
मैं उलटदूं अभी खैबरकी तरह ये लश्कर
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